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टूटी चीज़ें ठीक हो सकती हैं

इस जज़्बाती पज़ल गेम में पुश्तैनी चीज़ें सुधारें और दिलों को सुकून दें।

जब मारिया पहले-पहल ख़ूबसूरत Bellariva में आई थी, तो उसे लगा था कि वह अपनी स्किल्स का इस्तेमाल करके ख़राब हो चुकी प्राचीन चीज़ों की मरम्मत करेगी। अब मालूम हुआ है कि Assemble With Care का हीरो टूटे रिश्तों को जोड़ने में भी माहिर है। जब आप किसी टूटे हुए बुत, रोटरी फ़ोन और अन्य प्यारी चीज़ों को फिर से ठीक कर रहे होंगे, तो ऐसा करके आप उन चीज़ों के मालिकों को एक बार फिर से उनके क़रीबी लोगों से मिलाने और इस दुनिया से कूच कर चुके उनके प्यारे दोस्तों और परिवार के लोगों का सम्मान करने में उनकी मदद करेंगे।

हमें यह क्यों पसंद है : भावनात्मक दृष्टि से बेशक़ीमती समझी जाने वाली इन चीज़ों को ठीक करना बहुत अच्छा लगता है। घड़ी के पेंच खोलकर उसके गियर्स बाहर निकालना, पुराने ज़माने के रिकॉर्ड प्लेयर के वायर्स को उनकी सही जगह पर लगाना, यह सब कुछ स्पर्श का बड़ा ही सुखद अहसास देता है और ऐसा इसके पिच-परफ़ेक्ट टच कंट्रोल्स की वजह से मुमकिन हो सका है। आप जिस तरह चीज़ों को धीरे से घुमाते हैं और निकाले गए पुर्ज़ों को उनकी सही जगह पर लगाते हैं, वह आपके मन में उस बेशक़ीमती वस्तु के प्रति सम्मान की भावना जगाता है, जैसे कि कोई ख़राब हो चुका स्लाइड प्रोजेक्टर, जो बचपन की न जाने कितनी यादे समेटे हुए है, वाक़ई सम्मान के क़ाबिल है।

वे पल बेहद संतोष देने वाले होते हैं जब आपको समझ आ जाता है कि चीज़ों की मरम्मत कैसे करनी है (इस मामले में एक आइने की मरम्मत होनी है)।

सुझाव : किसी आइटम को वापस रखने से पहले, पक्का कर लें कि आपने उसके हर ख़राब पुर्ज़े को ठीक कर दिया है। हो सकता है आप हाथों में पकड़कर खेले जाने वाले किसी गेम कंसोल के सर्किट बोर्ड्स वापस लगा दें और फिर आपको याद आए कि आप उसकी टूटी हुई स्क्रीन को बदलना तो भूल ही गए, जिसका मतलब यह है कि आपको फिर से सभी वायर्स डिस्कनेक्ट करने होंगे!

निर्माता से मिलें : लंदन में मौजूद Ustwo Games ऐसे कई गेम्स बना चुका है, जिन्होंने Apple Design Award जीता है और इस फ़ेहरिस्त में उनका पज़ल गेम Monument Valley और इको-फ़्रेंडली अड्वेंचर गेम Alba: A Wildlife Adventure, दोनों शामिल हैं। जब टीम, वर्कशॉप में Assemble With Care के ऑडियो पर काम कर रही थी, तब उन्होंने पाया कि पास्ता कार्बोनारा में चम्मच चलाने से बिलकुल वैसी ही आवाज़ आती है, जैसी गोंद की बोतल को पिचक-पिचककर गोंद निकालते वक़्त आती है।