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टास्क मास्टर्स

Cultured Code, Things को बनाने के बारे में बताते हैं।

एक दशक पहले जब यह काम करने वाला ऐप Things रिलीज़ हुआ तब से इसने काफ़ी प्रशंसक बटोरे हैं। इन प्रशंसकों में ऐसे लोग भी शामिल हैं जिन्हें जल्दी-जल्दी काम करना, टास्क को सुगम तरीक़े से काँट-छाँट करके ठीक करना और सुलझा हुआ इंटरफ़ेस बेहद पसंद है।

अकसर ऐसा होता है कि प्रोडक्टिविटी ऐप्स iOS से शुरु होकर Mac तक पहुँचते हैं लेकिन Things उन पहले टास्क मैनेजर्स ऐप्स में से है जिसकी शुरुआत डेस्कटॉप वर्ज़न के तौर पर हुई।

टीम ने Things को Mac के लिए 2006 में बनाना शुरु किया फिर 2008 में इसका बीटा वर्ज़न आया। उसके बाद iOS App Store की घोषणा हुई। सीईओ और Cultured Code डेवलपर के संस्थापक Werner Jainek कहते हैं, “हमें Mac ऐप पर काम रोकने का मुश्किल फ़ैसला करना पड़ा ताकि हम App Store के लॉन्च के साथ इसका iOS ऐप तैयार कर सकें।”

चीज़ें उपयोग में आसान होती हैं, और यहाँ तक कि कॉम्प्लेक्स प्रोजेक्ट के लिए बहुउपयोगी होती हैं।

अनजाने में ही सही लेकिन अच्छा साबित हुआ, क्योंकि iOS पर Things की सफलता ने Cultured Code को इसका Mac वर्ज़न पूरा करने का मौक़ा दिया, और Things के iOS ऐप की वजह से इसका Mac वर्ज़न बेशक बेहतर हुआ है। डेस्कटॉप और मोबाइल दोनों ही ऐप्स को Apple Design Award मिला है।

अब Things ऐप एक दशक पुराना हो चुका है और इसकी रचना एक चीज़ को ध्यान में रखकर हुई थी : Jainek कहते हैं, “प्रोजेक्ट सबके पास होते हैं!” उस वक़्त, ज़्यादातर काम के लिए बने ऐप्स साधारण लिस्ट बनाने वाले थे जो पेचीदा काम नहीं कर पाते थे। “हमारा लक्ष्य एक ऐसा इंटरफ़ेस बनाने का था जो पर्सनल टास्क मैनेजमेंट को वाक़ई सही से दर्शाए।”

David Allen की प्रोडक्टिविटी किताब Getting Things Done से प्रेरित होकर Things ने तब एक अनोखा रास्ता अपनाया। Jainek कहते हैं, “Things बनाने का पहला क़दम यह मानना था कि काम करने में कई तरह की चीज़ें सामने आती हैं, एक कैलेंडर अपॉइंटमेंट नोट करके बताता है कि कौन-सा काम किस वक़्त करना है। काम करना है यह बताने वाली चीज़ से मतलब है कि कोई काम आप किसी दिन शुरु करेंगे, लेकिन इस जानकारी की अहमियत अगले दिन या उसके अगले हफ़्ते तक ज़रूरी हो सकती है।”

हाँलाकि आजकल यह आम बात है लेकिन एक दशक पहले ऐसी सोच अविश्वसनीय थी।

शुरुआत से ही Cultured Code की टीम ने संयम से काम लिया है। इसे आज भी देखा जा सकता है जिस धीमी गति से कम्पनी नए फ़ीचर लाती है। Jainek कहते हैं, “जो चीज़ आपको ज़्यादा प्रोडक्टिव बनाना चाहती है इसके लिए सबसे ज़रूरी है कि आप सरलता से अपना काम कर पाएँ।”

Cultured Code द्वारा अपडेट लाने में सावधानी का पूरा ध्यान रख जाता है।

Jainek कहते हैं, “हमें अपने यूज़र्स से सैंकड़ों गुज़ारिशें मिलती हैं पर हम उनके बारे में बहुत गम्भीरता से विचार करते हैं ताकि ये चीज़ें ऐप को ज़्यादा पेचीदा न बना दें।” ज़्यादातर ऐप्स अपने अपडेट में नए, बड़े-बड़े फ़ीचर लाने का दावा करते हैं, जबकि Things का फ़ोकस “ऐप के अंदर पहले से मौजूद चीज़ों को और सरल बनाने में होता है।”

यही कारण है कि 10 साल और अनगिनत वर्ज़न के बाद भी Things का भविष्य और भी ज़्यादा बेहतर नज़र आता है।