Microsoft Excel में बड़े डेटा मॉडल्स और हज़ारों सेल्स (cells) वाली स्प्रेडशीट में काम करना आसान है। लेकिन आप इस सभी डेटा का विश्लेषण कैसे करते हैं? यह ऐप आपको यह काम करने का ऐसा टूल देता है जिसकी अक्सर अनदेखी होती है : कंडिशनल फ़ॉर्मैटिंग, जो सेल की वैल्यू के आधार पर उसका रंग-रूप ऑटोमैटिकली बदल देती है, जिससे सबसे महत्वपूर्ण सूचना अलग से दिखाई देती है।
इस सामान्य स्प्रेडशीट पर नज़र डालें जिसमें 15 गेम्स वाले बास्केटबॉल सीज़न के हर गेम के पॉइंट्स दिखाए गए हैं :

आप डेटा सेट में टॉप तीन स्कोर्स को हाइलाइट कैसे करेंगे? ऐसा करने के लिए आप सभी सेल्स को देखकर सबसे अधिक वैल्यू वाले सेल्स का पता लगाकर इन्हें मैनुअली हाइलाइट कर सकते हैं। लेकिन यह काम कंडिशनल फ़ॉर्मैटिंग के ज़रिए आसानी से हो सकता है।
सबसे पहले टेबल का डेटा सेक्शन (C4 से Q12 के सेल्स) चुनें और फिर Format > Conditional Formatting का चयन करें। सामने दिख रहे Manage Rules डायलॉग में + बटन पर क्लिक करके नियम जोड़ें। अब आप New Formatting Rule डायलॉग देखेंगे, जिसे हमने इस प्रकार भरा है :

“Format with” मेनू में “Custom Format” चुनने के बाद “Format Cells” पॉप-अप खुलेगा। फ़ॉन्ट को बोल्ड करें, लाल रंग की बॉर्डर बनाएँ और बैकग्राउंड में पीला रंग भरें — इससे डेटा अलग से दिखाई देगा। OK पर क्लिक करके नियम को सहेजें और फिर Manage Rules से बाहर निकलने के लिए दोबारा OK पर क्लिक करें। अब वर्कशीट ऐसी दिखाई देगी जिसमें टॉप स्कोरर्स साफ़ तौर पर अलग से दिखेंगे :

आप 19 या उससे ज़्यादा पॉइंट्स स्कोर करने वालों या शून्य या एक पॉइंट पाने वालों को अलग से कैसे दिखाएँगे? New Formatting Rule डायलॉग पर वापस जाएँ और स्टाइल के लिए Icon Sets चुनें, फिर नीचे बताए गए तरीक़े से ऑप्शंस को कन्फ़िगर करें। (ध्यान दें कि हमने दो से 18 पॉइंट्स वालों के लिए कोई आइकॉन नहीं चुना है क्योंकि हम उन स्कोर्स को अलग से नहीं दिखाना चाहते—इस चेंज से Icon पॉप-अप मेनू Custom में बदल जाता है।)

आप जब इस नियम को सहेजेंगे (पिछले फ़ॉर्मैटिंग नियम को हटाकर) तब डेटा ऐसा दिखाई देगा :

अब आप टॉप परफ़ॉर्मर्स के साथ उन लोगों को भी आसानी से देख सकते हैं जिन्हें कम से कम स्कोरिंग के मामले में और कोचिंग की ज़रूरत है। अगर आप किसी सेल को अपडेट करते हैं, तो नए डेटा पर कंडिशनल फ़ॉर्मैटिंग ऑटोमैटिकली लागू हो जाएगी।
यह तो इस बात का एक साधारण उदाहरण है कि आप कंडिशनल फ़ॉर्मैटिंग से क्या कर सकते हैं। लेकिन अगली बार जब आप डेटा के बोझ से दबे रहेंगे तब जवाब पाना आपके लिए बहुत आसान हो जाएगा।