Jessamyn Stanley वेलनेस ऐप The Underbelly की अमेरिकी संस्थापक हैं। इन्होंने बड़ी अनिच्छा के साथ अपनी पहली योग की क्लास में दाख़िला लिया था। एक दोस्त ने उन्हें काफ़ी समझा-बुझाकर शामिल होने के लिए मनाया था, लेकिन वहाँ जाना उनके लिए कोई अच्छा अनुभव साबित नहीं हुआ।
वे कहती हैं, “मुझे अच्छी तरह मालूम था कि सिर्फ़ मैं ही वहाँ ब्लैक समुदाय से ताल्लुक़ रखती थी और बस मैं ही ज़्यादा वज़न वाले लोगों की श्रेणी में आती थी। मुझे बहुत अकेलापन और अलगाव महसूस हुआ।“
The Underbelly, जिसकी स्थापना Stanley ने कई साल बाद की, वह लोगों को बिलकुल नई राह दिखाता है।
“देखा जाए, तो The Underbelly को बनाने की शुरुआती प्रेरणा इसी बात से मिली कि हर किसी को समावेशी माहौल वाली योग करने की जगहों तक पहुँच मिलनी चाहिए” और वे जानती थीं कि ऐप बनाकर उनका यह सपना पूरा हो सकता है।
“मैं ऐप को एक ऐसे साधन के रूप में देखती हूँ, जिस तक दुनिया में हर किसी की पहुँच होती है। भले आप नियमित रूप से योग की क्लासेज़ में जाते हों, लेकिन ऑनलाइन प्रैक्टिस के ज़रिए आप तब भी अपनी आदत बरक़रार रख सकते हैं, जब आपको घर से बाहर जाने का मन न हो।”

The Underbelly के तरोताज़ा कर देने वाले Bedtime Yoga से लेकर आराम से बैठकर किए जाने वाले Couch Potato Yoga तक, इसकी हर क्लास की एक ख़ास बात यह है कि प्रशिक्षक हर तरह के शरीर वाले और अलग-अलग क्षेत्रों से ताल्लुक़ रखने वाले लोगों पर बराबर ध्यान देते हैं।
Stanley कहती हैं, “अन्य टीचर्स और मैं शरीर के उन हिस्सों के बारे में बातें करते हैं, जिन्हें दूसरे टाल जाते हैं। मैं इसके बारे में भी बात करती हूँ कि शारीरिक मुद्राएँ बदलते समय आपको अपने पेट या स्तनों का ध्यान कैसे रखना है।”
किसी ऐप को बिलकुल शुरू से बनाकर मैंने धैर्य और आभार का एक बड़ा सबक़ सीखा है। इसने मुझे सिखाया है कि अपने सुख के लिए मेहनत करना वाक़ई कैसा लगता है।– Jessamyn Stanley, The Underbelly की संस्थापक
Stanley ने आज तक कोई स्टार्टअप शुरू नहीं किया और The Underbelly को बनाना उनके लिए अपने ज्ञान को अमल में लाने का बहुमूल्य मौक़ा साबित हुआ है।
वे कहती हैं, “ऐप बनाने के इस अनुभव ने मुझे रफ़्तार कम रखने, दृढ़ता और पक्के इरादे के साथ आगे बढ़ने और अपनी कम्यूनिटी को सबसे ज़्यादा अहमियत देने का महत्व समझाया है। मुझे यक़ीन है कि उन्हें The Underbelly के बारे में मुझसे जो भी कहना है, वे ज़रूर कहेंगे, ताकि यह उनके सबसे अच्छी तरह से काम आ सके।”
कैनेडा की अनुभवी योग टीचर Rebeckah Price ने जब मुफ़्त योग क्लासेज़ ऑफ़र करने वाले ऐप, Nike Training Club के साथ हाथ मिलाया, तो उनकी पहुँच का दायरा दूर-दूर तक फैल गया।
मल्टीपल स्क्लेरोसिस (MS) की समस्या से जूझ रहीं ये Global Nike Trainer कहती हैं, “मुझे ब्लैक महिलाओं के ढेर सारे भावुकतापूर्ण मैसेज आते हैं, जिनमें वे कहती हैं, ‘दुनिया मुझसे जो बनने की उम्मीद रखती है, उसके उलट मुझे अपना स्वाभाविक वजूद बनाए रखने का मौक़ा देने के लिए धन्यवाद।’” वे आगे कहती हैं, “ऐप से जुड़ना सेहत को सुलभ और समावेशी बनाने के मेरे मिशन के बिलकुल अनुरूप था।”

Price साल 2019 में Global Nike Trainer बनीं, यानी अमेरिका में हुई George Floyd की हत्या की घटना के एक साल पहले, जिसके विरोध में पूरी दुनिया में प्रदर्शन हुए थे। वे कहती हैं, “सेहत अपने आपमें बहुत ही राजनीतिक मुद्दा है, इसलिए अपना ध्यान रखना या ख़ुद की देखभाल करने की आदत अपनाना भी राजनीतिक मुद्दा है।” इस पर उनकी Nike Training Club क्लासेज़ में ज़ोर दिया जाता है।
Price कहती हैं, “लोगों के लिए वहाँ किसी ऐसे व्यक्ति को देखना बहुत मायने रखता था, जो बेख़ौफ़ होकर उनसे कहे कि ‘साँस लेने में झिझक कैसी, अपने जिस्म को हिलाने-डुलाने में संकोच कैसा,' क्योंकि जब आपको अपने चारों ओर त्रासदी और तकलीफ़ का माहौल नज़र आ रहा हो, तो ये शब्द थोड़ा अलग प्रभाव दिखाते हैं।”
Nike Training Club के साथ जुड़ना मेरे लिए अपनी पहुँच और प्रभाव का दायरा बढ़ाने का अप्रत्याशित अवसर था।– Rebeckah Price, Global Nike Trainer
समावेशिता की यह छाप, उन संशोधनों में नज़र आती है, जो Price लोगों को ऑफ़र करती हैं, जैसे कि सामने की ओर झुकते वक़्त अगर आपके हाथ चटाई तक नहीं पहुँच पाते, तो अपने घुटने मोड़ना। साथ ही, ये ख़ूबियाँ हर वर्कआउट की अवधि में भी दिखाई देती हैं, जो कि पाँच मिनट जितनी कम भी हो सकती है।
“ऐप के ज़रिए योग सिखाने की असली ताक़त यह है कि इसके ज़रिए लोगों तक ठीक वहीं पहुँचा जा सकता है, जहाँ वे मौजूद हैं, फिर चाहे वह कोई नई माता हो, जो पारिवारिक ज़िम्मेदारियों के साथ ताल-मेल बिठाने के लिए कोशिश में जुटी हुई है, लंबी बीमारी से पीड़ित कोई व्यक्ति हो, जिसे सुलभ शारीरिक क्रियाओं से थोड़ी राहत मिलती है या फिर कोई व्यस्त एक्ज़िक्यूटिव, जो अपना तनाव दूर करने के लिए, जल्दी-जल्दी साँस लेने और छोड़ने का व्यायाम कर रहा है।“
Price अपने ऐप के ज़रिए लोगों तक वहाँ पहुँच पाती हैं, जहाँ वे हैं। Price कहती हैं, “जब लोग कोई आसन नहीं कर पाते, तो उन्हें निराशा महसूस होती है।” अपनी Pigeon Pose Primer जैसी क्लासेज़ में, वे किसी मूवमेंट को करने के कई तरीक़े बताती हैं और छात्रों को याद दिलाती रहती हैं कि वे “अपने शरीर के साथ ज़्यादती नहीं, बल्कि सहजता से काम लें।”
कभी-कभी, हमारे शरीर के लिए कुछ चीज़ें कर पाना मुश्किल होता है, लेकिन Price का कहना है, “यह कोई कम बड़ी बात नहीं है कि आप अपने शरीर को कम-से-कम किसी ख़ास मुद्रा में बनाए रखने की कोशिश तो कर रहे हैं। यह कुछ नहीं करने से तो कहीं बेहतर है।”
Lina Nielsen, एक ब्रिटिश धाविका और Fiit में प्रशिक्षिका हैं। वे अपने ख़ुद के अनुभव से योगाभ्यास करते समय एथलीट्स के सामने आने वाली विशिष्ट समस्याओं को समझती हैं और यही जानकारी वे Fiit पर ली जाने वाली अपनी क्लासेज़ में भी देती हैं।
Nielsen कहती हैं, “एथलीट्स का शरीर, योग का बहुत ज़्यादा अभ्यास करने वाले लोगों से काफ़ी अलग होता है। हमारे एकिलीज़, हैमस्ट्रिंग्स और कंधे सख़्त होते हैं, जिसकी वजह से अधोमुख श्वानासन जैसी मुद्राएँ कर पाना हमारे लिए नामुमकिन सा हो जाता है।”

Nielsen के ऐप Fiit पर यिन योग क्लासेज़ की सीरीज़ भी उपलब्ध है (शरीर को तरोताज़ा कर देने वाला यह लगातार किया जाने वाला योग, धीमी गति से किया जाता है), जिसे ख़ास तौर पर एथलीट्स के लिए ही बनाया गया है। इसके अलावा इसमें Yoga for Runners सीरीज़ भी उपलब्ध है। वे कहती हैं, “मैं लोगों को बताती हूँ कि अगर आपके हैमस्ट्रिंग्स स्ट्रेच नहीं हो रहे हैं, तो कोई बात नहीं। योग सिखाते समय मैं अक्सर कहती हूँ कि 'हैमस्ट्रिंग्स को फ़्लेक्शन, यानी जोड़ों को मोड़कर भी स्ट्रेच किया जा सकता है'। यह बात मैं Fiit पर कई बार दोहरा चुकी हूँ!”
वे अपनी सीमाओं के बारे में भी खुलकर बताने की कोशिश करती हैं। वे कहती हैं, “मुझे इस बात का कोई अफ़सोस नहीं है कि मैं कुछ मुद्राएँ नहीं कर सकती और इसमें कोई बुराई नहीं है।” उन्हें उम्मीद है कि अपनी क्लासेज़ में वे ईमानदारी और बेबाकी से जो कुछ भी कहती हैं, उससे उन लोगों के मन का तनाव दूर हो सकेगा, जो योगा को उसी आदर्श रूप में करने का दबाव महसूस करते हैं जो उनके हिसाब से सही है।
तनाव भरे माहौल में, अगर आपको थोड़ी शांति मिल जाए, तो इससे आपका फ़ायदा ही होगा।– Lina Nielsen, पेशेवर धाविका और योग टीचर
ख़ास तौर पर एथलीट्स के लिए, योग मन और तन, दोनों ही तरह से फ़ायदेमंद हो सकता है। वे सात क्लासेज़ वाली अपनी Yin for Athletes सीरीज़ में आपको “अपने मन को शांत रखने” के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
वे कहती हैं, “तनाव भरे माहौल में, अगर आपको थोड़ी शांति मिल जाए, तो इससे आपका फ़ायदा ही होगा। मन शांत तभी होगा, जब आप किसी तरह के मेडिटेशन का अभ्यास करेंगे।”
शांति की यह अनुभूति मददगार हो सकती है, ख़ास तौर पर जब लोगों के सामने भाषण देने जा रहे हों या फिर ज़िंदगी की अप्रत्याशित घटनाओं का सामना कर रहे हों। एथलीट्स को भी अहम पलों में इसकी ज़रूरत होती है, जैसे कि 2024 में Paris में हुए ओलंपिक गेम्स में, जिसमें Nielsen भी मुक़ाबले में उतरी थीं।
उस वक़्त उन्होंने हर उस सबक़ पर अमल किया, जो उन्होंने योग टीचर बनकर सीखा था। वे कहती हैं, “मैं शुक्रगुज़ार हूँ कि मेरे पास फ़ायदा उठाने के लिए वे टूल्स तब उपलब्ध थे, जब मुझे उनकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी।”
इससे मदद भी मिली। Nielsen महिलाओं की 4x400 मीटर रीले रेस टीम का हिस्सा थीं और उन्होंने ग्रेट ब्रिटेन के लिए कांस्य पदक जीता।
एक्स्प्लोर करने के लिए अन्य शानदार योग प्रोग्राम
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अगर आपने अपने योग के सफ़र की बस शुरुआत ही की है, तो Sweat में Phyllicia Bonanno का छह हफ़्ते का योग प्रोग्राम इसे शुरू करने के लिए एक बढ़िया जगह है।
Apple Fitness+ की योग प्रशिक्षिका Jonelle Lewis की क्लास, मज़ेदार और जोश से भरपूर होती है, इसलिए यह कमाल की धुनों के साथ एनर्जेटिक फ़्लोज़ की तलाश कर रहे संगीत प्रेमियों के लिए बेहतरीन है।
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Jessamyn Stanley की फ़ोटो, क्रेडिट : Justin Cook.
ऐसा हो सकता है कुछ ऐप्स सभी देशों में उपलब्ध न हों।